Breaking newsLatest Newsकोरियाछत्तीसगढ़जशपुरबिलासपुरभिलाईमध्य प्रदेशमहासमुंदरायगढ़रायपुरसरगुजाहोम

SECL में ऐतिहासिक ‘चिंतन शिविर’ का आयोजन: CMD हरीश दुहन बोले— “रिफॉर्म को बनाना होगा कार्यसंस्कृति का हिस्सा”

राजन सिंह चौहान

बिलासपुर। ऊर्जा के क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को साकार करने और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) को पुनः देश की नंबर-1 कोल कंपनी के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से 16 जनवरी 2026 को मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम में पहले ‘चिंतन शिविर’ का गरिमामय आयोजन किया गया।

लक्ष्य: नंबर 1 कंपनी और विज़न 2047

इस अनूठी पहल का नेतृत्व कर रहे सीएमडी श्री हरीश दुहन ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि बदलाव केवल नारों तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमें स्पीड, टेक्नोलॉजी और डिजिटल इंटरवेंशन के माध्यम से पारदर्शी निर्णय प्रक्रिया अपनानी होगी। हमारा लक्ष्य न केवल उत्पादन बढ़ाना है, बल्कि गुणवत्ता और कस्टमर एक्सपीरियंस में भी सुधार करना है।” उन्होंने युवाओं को ‘फ्यूचर-रेडी’ संस्थान बनाने के लिए अग्रणी भूमिका निभाने हेतु प्रेरित किया।

प्रमुख बिंदुओं पर गहन मंथन

शिविर के दौरान उत्पादन, सुरक्षा और दक्षता को बढ़ाने के लिए विभिन्न विषयों पर कुल 14 प्रेजेंटेशन दिए गए। मुख्य चर्चा के विषय रहे:

 * उत्पादन एवं डिस्पैच: अंडरग्राउंड माइनिंग और एफएमसी (FMC) प्रोजेक्ट्स पर फोकस।

 * सस्टेनेबिलिटी: नेट-जीरो रोडमैप, पर्यावरण और वन स्वीकृति।

 * डिजिटलीकरण: एआई (AI) का प्रयोग और तकनीकी सुधार।

 * प्रबंधन: भू-अधिग्रहण, पुनर्स्थापन, मानव संसाधन और फाइनेंस।

खुला संवाद और सहभागी मंथन

इस शिविर की सबसे बड़ी विशेषता ‘बॉटम-अप अप्रोच’ रही, जहाँ विभागाध्यक्षों से लेकर ई-5 स्तर के युवा अधिकारियों ने भी अपने सुझाव साझा किए। प्रत्येक सत्र के बाद प्रश्नोत्तर सत्र हुआ, जिसमें सीएमडी और सभी निदेशकों ने अधिकारियों की शंकाओं का समाधान किया और नवाचारी विचारों का स्वागत किया।

नेतृत्व और सहभागिता

कार्यक्रम में सीएमडी के साथ निम्नलिखित निदेशक उपस्थित रहे:

 * श्री एन फ्रैंकलिन जयकुमार (निदेशक, तकनीकी–संचालन)

 * श्री बिरंची दास (निदेशक, मानव संसाधन)

 * श्री डी सुनील कुमार (निदेशक, वित्त)

 * श्री हिमांशु जैन (मुख्य सतर्कता अधिकारी)

 * श्री रमेश चन्द्र महापात्र (निदेशक, तकनीकी यो./परि.)

शिविर में मुख्यालय और सभी क्षेत्रों के लगभग 200 अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

कोल मंत्रालय की पहल का विस्तार

उल्लेखनीय है कि हाल ही में नई दिल्ली में कोयला मंत्रालय द्वारा आयोजित चिंतन शिविर के निर्देशों के पालन में एसईसीएल ने यह कदम उठाया है। मुख्यालय स्तर पर आयोजित इस मुख्य शिविर से पहले सभी संचालन क्षेत्रों (Areas) में भी आंतरिक स्तर पर चर्चाएं आयोजित की गई थीं।

निष्कर्ष: यह चिंतन शिविर एसईसीएल की एक ऐसी नई कार्यसंस्कृति की शुरुआत है, जो सहयोग, पारदर्शिता और परिणामोन्मुख सोच पर आधारित है। यह मंच भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए संगठन को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करेगा।

Related Articles

Back to top button