लगभग 10 महीने से लापता युवक राजकुमार मिला जीवित, जनकपुर पुलिस की मेहनत लाई रंग


राजन सिंह चौहान
मनेन्द्रगढ़/जनकपुर। लगभग 10 महीनों से लापता युवक राजकुमार पनिका को जनकपुर पुलिस ने जीवित अवस्था में बरामद कर लिया है। मामला अत्यंत संवेदनशील होने के कारण आईजी सरगुजा दीपक कुमार झा और एसपी एमसीबी रत्ना सिंह ने घटना की लगातार मॉनिटरिंग की और जांच टीम को हर स्तर पर दिशा-निर्देश दिये।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 12 अगस्त 2025 को प्रार्थिया गुड्डी पनिका निवासी बड़वाही घुघरीपारा ने थाना जनकपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनका 19 वर्षीय बेटा राजकुमार 17 नवम्बर 2024 को गांव के ही छोटू बैगा के साथ काम करने मेरठ गया था। छोटू बैगा तो वापस लौट आया लेकिन राजकुमार का कोई पता नहीं चला। छोटू बैगा से भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही थी। पुलिस ने गुम इंसान दर्ज कर जांच प्रारंभ की थी।
घटना को प्रार्थिया ने वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में भी लाया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आईजी सरगुजा और पुलिस अधीक्षक एमसीबी रत्ना सिंह ने थाना प्रभारी जनकपुर ओमप्रकाश दुबे को मामले में हर संभव कदम उठाने निर्देशित किया। एसडीओपी एलेक्सुस टोप्पो के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने गुम व्यक्ति के हर संभावित बिन्दु पर सघन जांच की।
प्रार्थिया को संदेह था कि उनके बेटे की हत्या कर उसे ग्राम बेल्ली थाना गोहपारू, मध्यप्रदेश में छोटू बैगा के रिश्तेदारों के घर के पास दफना दिया गया है। इस पर आवश्यक अनुमति प्राप्त कर जनकपुर पुलिस टीम ने मध्यप्रदेश में जाकर शव उत्खनन की कार्यवाही भी की लेकिन वह बेनतीजा रही। संदेही छोटू बैगा के ब्रेन मैपिंग और पोलीग्राफी टेस्ट के लिए भी न्यायालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था।
गुम इंसान के संबंध में लगाये गये मुखबिरों से सूचना मिली कि राजकुमार अपने भाई कमलेश के ससुराल ग्राम बरनानिगई थाना ब्यौहारी जिला शहडोल पहुँचा है। इस सूचना की पुष्टि कर पुलिस टीम ने कमलेश से संपर्क किया और जयसिंहनगर रोड से आते समय राजकुमार को सुरक्षित बरामद कर लिया। लगभग मृत मान लिये गए युवक को जीवित पाकर परिजनों ने राहत की सांस ली। पुलिस की इस कार्यवाही और लगातार प्रयास की सराहना क्षेत्र में हो रही है।
इस महत्वपूर्ण सफलता में थाना प्रभारी ओमप्रकाश दुबे, प्रधान आरक्षक संदीप बागीस, संजय पांडे, आरक्षक सूर्यपाल, विष्णु यादव की मेहनत और लगन मुख्य रूप से शामिल रही। वरिष्ठ अधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन में टीम ने गुम इंसान को जीवित दस्तयाब कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।




