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विशेष खुलासा: न्यूज़ प्राइम 18 की बड़ी पड़ताल शातिर नसरीन अशरफी गिरोह के नए षडयंत्र का पर्दाफाश; फर्जी स्क्रीनशॉट के जरिए रची गई बड़ी साजिश

राजन सिंह चौहान

एमसीबी। जिले में सक्रिय एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश न्यूज़ प्राइम 18 लगातार कर रहा है, जिसकी मुखिया नसरीन अशरफी अपने काले कारनामों को छिपाने के लिए आए दिन नए-नए षडयंत्र रच रही है। पुलिस की जांच से बचने और अपनी शिकायतों को दबाने के लिए इस बार इस गिरोह ने वन विभाग के नाम पर फर्जी उगाही का झूठा जाल बुना, जिसका खुलासा आज हम करने जा रहे हैं।

क्या है ताजा मामला?

हाल ही में नसरीन अशरफी और उसके साथी, आदतन अपराधी शेरू उर्फ गुफरान खान ने मिलकर एक ‘फोन पे’ (PhonePe) ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल किया। दावा किया गया कि यह पैसा वन विभाग के अधिकारियों के नाम पर लिया गया है। लेकिन न्यूज़ प्राइम 18 की पड़ताल में सच्चाई इसके बिल्कुल उलट निकली:

* सच्चाई: यह लेनदेन अरविंद साहू द्वारा संदीप सोनवानी को उनका पुराना उधार पैसा वापस करने के लिए किया गया था।

* षडयंत्र: अरविंद साहू ने पैसे भेजने के बाद स्पष्ट मैसेज भी लिखा था कि “आपसे उधार लिया पैसा वापस कर दिया है”। लेकिन शातिर नसरीन ने इस स्क्रीनशॉट को क्रॉप (Crop) कर दिया ताकि वह मैसेज छिप जाए और इसे भ्रष्टाचार का रूप दिया जा सके।

धोखे से हासिल किया गया स्क्रीनशॉट

जांच में पता चला कि अरविंद साहू ने यह स्क्रीनशॉट गलती से अपने मित्र ‘डब्लू’ को भेज दिया था। वहां मौजूद शेरू उर्फ गुफरान खान ने डब्लू को बरगलाया और धोखे से वह स्क्रीनशॉट अपने मोबाइल में ले लिया, जिसे बाद में नसरीन अशरफी ने रंजिश के तहत फर्जी समाचार बनाकर फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप्स में प्रसारित कर दिया।

पुराना है गिरोह का आपराधिक इतिहास

यह पहली बार नहीं है जब नसरीन अशरफी ने कानून को चुनौती दी हो। इस शातिर महिला के पिछले कारनामे भी बेहद चौंकाने वाले हैं:

 * न्यायिक आदेश की अवहेलना: अखबार का फर्जी डिजाइन बनाकर मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ झूठी खबर फैलाना।

 * गोपनीय दस्तावेज की चोरी: थाने के उन गोपनीय दस्तावेजों की फोटोकॉपी हासिल करना और उन्हें सार्वजनिक करना, जो RTI के दायरे में भी नहीं आते। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

* झूठे FIR का कबूलनामा: स्वयं नसरीन और उसके साथियों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने पहले भी षडयंत्र पूर्वक कई झूठी FIR दर्ज करवाई हैं।

 वीडियो में उक्त शातिर महिला नसरीन अशरफी और उसके गिरोह का साथी के स्वयं अपनी जुबानी कबूलनामा मौजूद है

देखिए वीडियो

> “जब मुझे खबर का पता चला, तब मैंने अरविंद साहू से बात की। तब खुलासा हुआ कि शेरू ने डब्लू के फोन से धोखे से स्क्रीनशॉट लिया था। यह मुझे बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश है।”

> — संदीप सोनवानी (पीड़ित)

न्यूज़ प्राइम 18 की अपील

हम अपने दर्शकों और जिले के सभी प्रशासनिक अधिकारियों को आगाह करते हैं कि इस शातिर महिला और इसके गिरोह के फर्जीवाड़े से सतर्क रहें। इस गिरोह का पूरा ‘काला चिट्ठा’ न्यूज़ प्राइम 18 के फेसबुक पेज पर उपलब्ध है। प्रशासन को चाहिए कि ऐसे आदतन अपराधियों पर नकेल कसे जो तकनीकी छेड़छाड़ कर समाज में भ्रम फैला रहे हैं।

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