

राजन सिंह चौहान
पाराडोल,एमसीबी। ग्राम पंचायत पाराडोल इन दिनों लकड़ी तस्करों के निशाने पर है। बाहरी राज्यों या क्षेत्रों से आए कुछ रसूखदार व्यक्तियों द्वारा गांव में बबूल के हरे-भरे और मोटे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई की जा रही है। मीडिया के कैमरों में कैद हुई तस्वीरों और वीडियो ने प्रशासन के दावों की पोल खोल कर रख दी है, जिसमें स्पष्ट देखा जा सकता है कि कैसे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में अवैध लकड़ियां भरकर खुलेआम तस्करी की जा रही है।
किसानों को लालच, पर्यावरण को घाव
सूत्रों के अनुसार, यह माफिया गांव के गरीब किसानों को चंद रुपयों का लालच देकर उनकी जमीन और आसपास लगे पुराने पेड़ों को काटने का झांसा दे रहे हैं। यह खेल रात-दिन बिना रुके चल रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ इतने मोटे और पुराने हैं कि उन्हें काटने के लिए बाकायदा पूरी टीम और आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रशासन की ‘रहस्यमयी’ चुप्पी
हैरानी की बात यह है कि बिना किसी वैध अनुमति (Transit Pass) के इतनी बड़ी मात्रा में पेड़ों की कटाई और परिवहन हो रहा है, लेकिन संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मौन है।
“क्या प्रशासन को वाकई इसकी भनक नहीं है, या फिर यह सब मिलीभगत का नतीजा है?” – यह सवाल आज पाराडोल का हर जागरूक नागरिक पूछ रहा है।
वायरल वीडियो दे रहे गवाही
मीडिया द्वारा जारी किए गए वीडियो में साफ़ दिख रहा है कि किस तरह बेखौफ होकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को ओवरलोड कर अवैध लकड़ी शहर की ओर ले जाई जा रही है। इन वीडियो साक्ष्यों के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे तस्करों के हौसले और बुलंद हो रहे हैं।
देखिए वीडियो
ग्रामीणों की मांग: तत्काल रुके कटाई
पाराडोल के युवाओं और पर्यावरण प्रेमियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस अवैध कटाई को नहीं रोका गया और दोषियों पर FIR दर्ज नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मौके पर वन विभाग की टीम भेजकर जांच कराई जाए और जब्त लकड़ियों का हिसाब मांगा जाए।




