

राजन सिंह चौहान
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) | 17 जनवरी 2026 जिला प्रशासन मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर ने शासकीय कर्तव्यों में घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने वाले एक कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के निर्देशानुसार, सहायक ग्रेड-03 श्री दुर्गेश उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से सेवा से पदच्युत (Dismiss) कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?

निलंबित कर्मचारी श्री दुर्गेश उपाध्याय, जो विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय मनेन्द्रगढ़ में पदस्थ थे और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में संलग्न थे, के विरुद्ध लंबे समय से अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं। उन पर मुख्य रूप से निम्नलिखित आरोप थे:
* शासकीय कार्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतना।
* उच्चाधिकारियों द्वारा सौंपे गए कार्यों को समय पर पूर्ण न करना।
* आवंटित शाखा का प्रभार संबंधित प्रभारी को नहीं सौंपना।
* सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी समय सीमा में उपलब्ध न कराना।
नशे की हालत में मिले थे कार्यालय में
मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब विभागीय जांच के दौरान यह सिद्ध हुआ कि 04 अक्टूबर 2025 को श्री उपाध्याय शराब के नशे में कार्यालय पहुंचे थे। मेडिकल रिपोर्ट (मुलाहिजा) में भी इसकी पुष्टि हुई थी कि परीक्षण के समय वे शराब के प्रभाव में थे।
नियमानुसार हुई कार्रवाई
विभागीय जांच प्रतिवेदन में आरोप क्रमांक 01 (शराब का सेवन कर कार्यालय उपस्थित होना) पूरी तरह सिद्ध पाया गया। यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 (1) एवं 23 के विरुद्ध है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर, नियोक्ता अधिकारी द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 10 की उपधारा (नौ) के तहत उक्त कर्मचारी को ‘दीर्घशास्ति’ (Major Punishment) देते हुए सरकारी सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया गया है।
कलेक्टर द्वारा अनुमोदित यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस कार्रवाई से जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शासकीय सेवा में अनुशासनहीनता और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




