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एमसीबी: उप जेल मनेन्द्रगढ़ का त्रैमासिक निरीक्षण, बंदियों के अधिकारों और सुविधाओं की समीक्षा

राजन सिंह चौहान

मनेन्द्रगढ़ (एमसीबी)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली के निर्देशों और उच्चतम न्यायालय द्वारा रिट याचिका (सी) क्रमांक 1404/2023 सुकन्या संस्था बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य में पारित निर्णय के अनुपालन में, शनिवार, 13 दिसंबर 2025 को उप जेल मनेन्द्रगढ़ का त्रैमासिक निरीक्षण किया गया।

यह निरीक्षण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला विजिटर बोर्ड, एमसीबी द्वारा यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया कि जेल में निरुद्ध बंदियों को सभी विधिक और मूलभूत सुविधाएं समय पर मिलें तथा उनके साथ किसी प्रकार का भेदभाव न हो।

निरीक्षण दल में शामिल रहे ये अधिकारी

जेल के इस महत्वपूर्ण निरीक्षण में एक उच्च-स्तरीय दल उपस्थित रहा, जिसमें निम्नलिखित सदस्य शामिल थे:

शैलेश कुमार तिवारी: प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष।

डी. राहुल वेंकट: कलेक्टर।

श्रीमती रत्ना सिंह: पुलिस अधीक्षक।

लोकेश कुमार बंजारा: मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट।

श्रीमती अमृता दिनेश मिश्रा: सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण।

जिला विजिटर बोर्ड के अन्य सदस्य।

अधिकारों और सुविधाओं की गहन समीक्षा

निरीक्षण के दौरान, दल ने बंदियों को निरुद्ध अवधि में प्राप्त होने वाले अधिकारों एवं मूलभूत सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। अधिकारियों ने विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया कि सभी बंदियों को समय पर विधिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और उनके साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा है।

प्रत्यक्ष संवाद: निरीक्षण बोर्ड ने बंदियों से सीधे बात की और उनकी समस्याओं और सुझावों को ध्यान से सुना।

अधोसंरचना और स्वच्छता: उप जेल के अधोसंरचना, बैरकों की स्थिति और बंदियों के उपयोग हेतु उपलब्ध शौचालयों की स्वच्छता एवं रख-रखाव की गहन समीक्षा की गई।

भोजन की गुणवत्ता: बंदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की गई।

निरीक्षण दल ने पुष्टि की कि जेल परिसर में किसी भी प्रकार का जातिगत अथवा अन्य भेदभाव नहीं पाया गया।

लीगल एड क्लीनिक का अवलोकन

दल ने जेल परिसर में स्थापित लीगल एड क्लीनिक का भी निरीक्षण किया। यहां उपलब्ध सुविधाओं और बंदियों को प्रदान की जा रही विधिक सहायता की स्थिति का अवलोकन किया गया। यह क्लीनिक बंदियों को कानूनी मदद सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का अनुपालन

यह निरीक्षण उच्चतम न्यायालय के निर्णय दिनांक 03 अक्टूबर 2024 के निर्देशों के अनुपालन में किया गया, जिसके तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विजिटर बोर्ड, एमसीबी द्वारा प्रत्येक तिमाही उप जेल मनेन्द्रगढ़ का निरीक्षण करना अनिवार्य है। इस त्रैमासिक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जेल व्यवस्था में पारदर्शिता और बंदियों के मानवाधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित करना है।

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