Breaking newsLatest Newsकोरियाछत्तीसगढ़बिलासपुरमहासमुंदरायगढ़रायपुरसरगुजाहोम

बच्चों के साथ केक काटा और भोजन परोसा, एसपी रत्ना सिंह ने कहा, इन बच्चों की मुस्कान से बड़ा कोई आशीर्वाद

राजन सिंह चौहान

मनेंद्रगढ़। आमतौर पर पुलिस अधिकारियों को उनके कड़े और सख्त स्वभाव के लिए जाना जाता है, लेकिन मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की पुलिस कप्तान रत्ना सिंह ने अपनी संवेदनशील पहल से एक अनूठी मिसाल पेश की है। एसपी रत्ना सिंह ने अपनी बेटी आदिश्री साहू का पहला जन्मदिन किसी भव्य होटल या फार्म हाउस में नहीं, बल्कि पड़ोसी जिले कोरिया स्थित बाल गृह के बच्चों के साथ उत्साह और उमंग से मनाया, और इसे एक यादगार अवसर बना दिया।

यह आयोजन न केवल एक जन्मदिन समारोह था, बल्कि समाज के प्रति एक उच्च प्रशासनिक अधिकारी की गहरी संवेदनशीलता का प्रमाण भी था। एसपी रत्ना सिंह अपने पति जो बिहार में पुलिस अफसर हैं। एसपी ने परिवार के साथ बैकुंठपुर स्थित बाल गृह पहुंचीं। वहां उन्होंने अपनी एक साल की बेटी आदिश्री साहू के साथ मिलकर बाल गृह के बच्चों के बीच केक काटा। इस दौरान बच्चों का उत्साह देखने लायक था। एसपी रत्ना सिंह ने स्वयं बच्चों को भोजन परोसा और उन्हें गिफ्ट के तौर पर चॉकलेट्स के साथ-साथ पाठ्य और लेखन सामग्री भी भेंट की, जिससे उनकी शिक्षा के प्रति भी प्रोत्साहन मिला।

अपनी बेटी के पहले जन्मदिन को बाल गृह के बच्चों के साथ मनाने पर एसपी रत्ना सिंह ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा:

“हम चाहते थे कि आदिश्री का पहला जन्मदिन खास हो, लेकिन सिर्फ हमारे लिए नहीं, बल्कि उन बच्चों के लिए भी जिन्हें सहारे और प्यार की ज़रूरत है। इन बच्चों के साथ खुशी साझा करना एक अद्भुत अनुभव है। मुझे लगता है कि इन बच्चों की मुस्कान से बड़ा कोई आशीर्वाद नहीं है। यह पहल मेरी बेटी को भी बचपन से ही सेवा और संवेदनशीलता का पाठ पढ़ाएगी।”

एसपी रत्ना सिंह की इस पहल ने न सिर्फ एमसीबी और कोरिया जिले के प्रशासनिक अमले में, बल्कि आम जनता के बीच भी एक सकारात्मक और मानवीय संदेश दिया है।

Related Articles

Back to top button